क्राइम कंट्रोल कैसे हो रहा है इसका नजारा जिले के कुछ थानों पर जाकर देखने पर दिख सकता है। शिकायत मिली और पहुंच गये आरोपी के घर और फिर शुरु हो गया अवैध वसूली का अभियान। जब तक इसमें सफलता नही मिलती है तब तक पीड़ित और आरोपी को कानून का भय दिखाया जाता है। जब मिशन अवैध वसूली पूरी हो जाती है तो इसे पुलिसियां भाषा में क्राइम कंट्रोल कहा जाने लगता है। अब आप ही बतायें कि पुलिस अवैध वसूली करेगी तो क्राइम कंट्रोल कैसे होगा। शासन के लाख कवायद के बाद भी पुलिसियां कार्यप्रणाली में कोई सुधार नही है। लगातार हालत बद से बदत्तर होती जा रही है। पीड़ित परेशान होता जा रहा है और अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। एक के बाद एक अपराध कर अपराधी यह सोच रहे है कि पुलिस को खर्चा पानी देकर मामला शान्त कर देंगे और कुछ मामलों में ऐसा हो भी रहा है। पीड़ित थानों का चक्कर लगाते-लगाते थक जा रहे है लेकिन उनकी कोई सुनवायी नही हो रही है। जब थानों पर इस तरह का खेल होगा तब पीड़ित कहां जायेंगो। पुलिस उच्चाधिकारियों को इस ओर ठोस कदम उठाना पड़ेगा तभी पीड़ितों को न्याय मिल सकेगा।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई बुरा ना माने,
मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं कोई भी मंदिर अगर बनता है तो उसके इतिहास से आप उसे गलत या सही कह सकते हैं कि क्यों बन रहा है लेकिन एक चीज हम ...
-
भारत इस वक्त कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का सामना अपने दृढ़ संकल्प से कर रहा है। पश्चिमी मीडिया और भारत के एक वर्ग के भीतर यह कुंठा साफ म...
-
कानपुर–कांड़ का दुर्दान्त अपराधी विकास दुबे को काफी लम्बी जद्दोजहद के बाद अन्ततः मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्त में लिए जाने के बाद अब इस...
-
कोविड़–१९ के प्रकोप का दौर अभी भी जारी ही रहेगा क्योंकि वायरस किसी भी ढंग से कम नहीं हो रहा है। समूचे विश्व में तमाम कोशिशों के बावजूद कोरोन...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें