संसद में किया गया नेताओं का एक भी अमर्यादित आचरण सिर्फ एक व्यक्ति की गलती नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावना को आहत करता है। संसद देश की राजनीति का मंदिर है, जहां सवा सौ करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि रहते हैं। नेता किसी भी दल या परिवार के हो सकते हैं, लेकिन जब वह संसद में बोल रहे होते हैं तो सिर्फ इस देश के नेता होते हैं। संसद की गरिमा को बनाए रखना राजनेताओं की जिम्मेदारी है।
गुरुवार, 1 अगस्त 2019
संसद में अमर्यादित आचरण
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