आज पूरा विश्व कोरोना वायरस से जूझ रहा है। भारत भी लॉकडाउन के जरिए इस पर काबू पाने में लगा हुआ है। लाकडाउन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए शारीरिक दूरी का पालन हम जहां भी रहे जिम्मेदारी के साथ करें। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हम स्वयं इसका पालन करते हुए लोगों को पालन करने के लिए प्रेरित करें। ज्यादा अच्छा हो कि हम घर से बिल्कुल ही न निकले। यदि आवश्यक हो तो मास्क लगा कर ही निकले। हमारे देश में जब भी संकट आया है, पूरा राष्ट्र एकजुटता का परिचय देते हुए उसका सामना किया है। इसी का परिणाम है कि हमने हैजा, प्लेग, चेचक,तपेदिक आदि पर बिमारियों पर विजय पाई है। कोरोना पर भी निश्चित तौर पर विजय पा लेंगे।
सोमवार, 27 अप्रैल 2020
कोरोना पर राजनीति
भारत इस वक्त कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का सामना अपने दृढ़ संकल्प से कर रहा है। पश्चिमी मीडिया और भारत के एक वर्ग के भीतर यह कुंठा साफ महसूस की जा रही है कि भारत में इस महामारी ने अपना प्रचंड प्रकोप क्यों नहीं दिखाया? भारत जैसे देश में इतनी कम मौतें कैसे हुईं? लाखों मौतों की उनकी भयावह गिनती का क्या हुआ? भारत जैसा देश सीमित संसाधनों के साथ इतना अच्छा कैसे कर सकता है? कुछ विपक्षी दल भी कोरोना से लड़ती केंद्र सरकार को सलाह देने के नाम पर जिस तरह नए-नए सवाल खड़े कर रहे हैं, उससे यही लगता है कि उनका इरादा सरकार को कठघरे में खड़ा करना अधिक है, साथ मिलकर इस महामारी से देश को बचाना नहीं। इस समय यह राजनीति दुखद है।
अर्थव्यवस्था से उबारने को छह मापदंड
- स्वच्छ एवं हरित बदलावों के जरिए नई नौकरियों एवं व्यवस्थाओं को बढ़ाएं
- उबारने के पैकेज में सतत विकास को शामिल करें
- जीवाश्म ईंधन पर सब्सिडी *समाप्त करें
- वित्तीय प्रणाली में जलवायु जोखिम एवं अवसरों को शामिल करें
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय के रूप में मिलकर कार्य करें।
बुधवार, 22 अप्रैल 2020
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