सोनभद्र जिले में शासन के निर्देशों का किस तरह से क्रियान्वयन हो रहा हैं यह अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी जान रहे हैं। शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्टों की जांच करा दी जाय तो विभाग के आंकड़ों की पोल खुल जायेगी। विभागीय सूत्र बताते हैं कि यह सभी जानते हैं कि किसका कितना कमीशन हैं और इसे दिये बिना फाइल खिसकती नहीं हैं। फिर भी शासन के डंडे से बचने के लिए ऐसी रिपोर्ट बनायी जाती हैं जिसमें न के बराबर गड़बड़ी होती हैं। इससे दो फायदा होता हैं एक तो ठेकेदारों से फायदा होता हैं और दूसरी तरफ शासन के दिशा निर्देशों का पालन हो जाता हैं। लेकिन सवाल यह उठता हैं क्या लोगों को टूटी फूटी सड़कों से गुजरना ही पड़ेगा। इसका जवाब फिलहाल विभाग का कोई भी अफसर देने को तैयार नहीं हैं।
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