विश्व महामारी कोरोना के चपेट से देश व प्रदेश संकट के दौर से गुजर रहा है. लोग लॉकडाउन का पालन कर अपना व देश की सुरक्षा करने में डटे हुए हैं सोनभद्र जिले में एक भी कोरोना पीड़ित ना मिलने जिले में राहत की सांस ली है. ऐसे आपदा में एक दूसरे को सहयोग करके ही आगे बढ़ा जा सकता है लॉकडाउन के कारण पूरी तरह व्यापार में लगे लोग चाहे फुटकर विक्रेता, थोक विक्रेताओं, मध्यमवर्गीय उद्योग, कुटीर उधोग, सब्जी वाले, ठेले वाले, ऑटो, हेयर सैलून, अन्य छोटे कारखानों के श्रमिकों की हालत बद से बदतर हो रही है ऐसे में परिजनों के सामने प्राइवेट स्कूल का फ़ीस देना भी एक बड़ी समस्या है. लोगों के पास रोजगार ना होने के कारण आमदनी पूरी तरह शून्य हो गई है. ऐसे में सोनभद्र जिले के प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक व संचालकों से देशहित-लोकहित की भावना से अपने स्कूल के छात्रो का तीन महीनों की फीस मानवीय दृष्टि से माफ करने की कृपा करें. क्योंकि लोगों के सामने आर्थिक संकट है और ऐसे में स्वयं का जीवन-यापन करना भी एक मुश्किल कार्य बनता जा रहा है. ऐसे में प्राइवेट स्कूल संचालक तीन महीने की फीस माफ कर अभिवावकों को एक बड़ा सहयोग होगा. ऐसे विषम परिस्थिति में स्कूल की फीस माफ कराने में जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा जिले में स्थापित कंपनियों जैसे एनसीएल, एनटीपीसी, हिंडालको, जयप्रकाश सीमेंट फक्ट्री, खनन एवं अन्य कंपनियों से सामाजिक दायित्व के तहत मदद लेकर स्कूल के बच्चों की फीस माफ कराने में अपना सहयोग प्रदान कर जनहित में सहयोगी होगा.
बुधवार, 6 मई 2020
सोनभद्र के सभी प्राइवेट स्कूल तीन महीने की छात्रों की फीस माफ करे
विश्व महामारी कोरोना के चपेट से देश व प्रदेश संकट के दौर से गुजर रहा है. लोग लॉकडाउन का पालन कर अपना व देश की सुरक्षा करने में डटे हुए हैं सोनभद्र जिले में एक भी कोरोना पीड़ित ना मिलने जिले में राहत की सांस ली है. ऐसे आपदा में एक दूसरे को सहयोग करके ही आगे बढ़ा जा सकता है लॉकडाउन के कारण पूरी तरह व्यापार में लगे लोग चाहे फुटकर विक्रेता, थोक विक्रेताओं, मध्यमवर्गीय उद्योग, कुटीर उधोग, सब्जी वाले, ठेले वाले, ऑटो, हेयर सैलून, अन्य छोटे कारखानों के श्रमिकों की हालत बद से बदतर हो रही है ऐसे में परिजनों के सामने प्राइवेट स्कूल का फ़ीस देना भी एक बड़ी समस्या है. लोगों के पास रोजगार ना होने के कारण आमदनी पूरी तरह शून्य हो गई है. ऐसे में सोनभद्र जिले के प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक व संचालकों से देशहित-लोकहित की भावना से अपने स्कूल के छात्रो का तीन महीनों की फीस मानवीय दृष्टि से माफ करने की कृपा करें. क्योंकि लोगों के सामने आर्थिक संकट है और ऐसे में स्वयं का जीवन-यापन करना भी एक मुश्किल कार्य बनता जा रहा है. ऐसे में प्राइवेट स्कूल संचालक तीन महीने की फीस माफ कर अभिवावकों को एक बड़ा सहयोग होगा. ऐसे विषम परिस्थिति में स्कूल की फीस माफ कराने में जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा जिले में स्थापित कंपनियों जैसे एनसीएल, एनटीपीसी, हिंडालको, जयप्रकाश सीमेंट फक्ट्री, खनन एवं अन्य कंपनियों से सामाजिक दायित्व के तहत मदद लेकर स्कूल के बच्चों की फीस माफ कराने में अपना सहयोग प्रदान कर जनहित में सहयोगी होगा.
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