‘एकता में शक्ति' हम बचपन से पढ़ते आए हैं, और
यह सत्य भी है। वर्तमान में भारत की स्थिति जैसी हो गई है, उसमें हम
भारतवासियों को इसी कथन पर आगे बढ़ना चाहिए। इस बात की खुशी है कि सभी
धर्मों के लोग एकजुट होकर प्रधानमंत्री के साथ मिलकर देश को कोरोना-मुक्त
बनाने में जुटे हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो गंदी राजनीति से बाज
नहीं आ रहे हैं। केंद्र सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी राज्य सरकारों के
साथ है, लेकिन कुछ राजनेता इस महामारी को राजनीतिक वेश-भूषा पहनाने में
जुटे हुए हैं। केंद्र सरकार अगर राज्य सरकारों को विशेष सहायता देने के
प्रयास कर रही है, तो संबंधित राज्य को राजनीति छोड़कर उसे स्वीकार करना
चाहिए। वास्तविकता में यही भारतीयता का प्रतीक है। इसे हम जब तक अपने जीवन
में नहीं उतार लेंगे, तब तक कोरोना के खिलाफ हमारे देश की लड़ाई आसान न
होगी।
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