पीपीई किट जो डॉक्टरों का एक मात्र सहारा है‚ लेकिन अब यह डॉक्टर महिलाओं के लिए आफत बन गई। हर महीने होने वाली मासिक समस्या से हर महिला को गुजरना होता है। डॉक्टर महिलाओं को भी इस समस्या से गुजरना होता है। महिला डॉक्टरों व नर्स ८ घंटे काम कर रही हैं‚ जिसके कारण उन्हें मासिक धर्म में काम करना पड़ रहा है। एक पैड को केवल ५ घंटे तक ही इस्तेमाल करना होता है ‚ लेकिन महिला वॉरियर्स को एक पैड में ८–८ घंटे से ज्यादा समय गुजारना पड़ रहा है। इन सब तकलीफों से आजिज आकर नर्सों ने ४ घंटे ड्यूटी की मांग की है। सरकार इस पर क्या फैसला लेगी‚ वो तो समय बताएगा पर क्या सरकार को वॉरियर्स की परेशानियों का समाधान नहीं करना चाहिए॥
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