मनरेगा को लेकर जनपद में हर जगह चर्चा है। हालात तो यह है कि इसमें धन का बंदरबांट इस तरीके से किया जा रहा है जिसमें किसी को पकड़ना मुश्किल हो रहा है यानी नीचे से लेकर ऊपर तक लोग जुड़े हुए हैं। अगर इसकी पारदर्शी ढंग से जांच हो तो बड़ा खुलासा होगा। कई जगहों पर तो बिना काम कराये पैसा निकाल लिया गया है। श्रमिकों को नौकरी देने के नाम पर जमकर सरकारी धन से अपनी जेबें भरीं जा रही हैं। आने वाले दिनों में हो सकता है जगह-जगह आंदोलन भी शुरू हो। यही हालात टंका के मामले में भी है। इसे लेकर भी लोगों में आक्रोश उभरने लगा है। इस मामले में शासन स्तर से जांच कराने की जरूरत है।
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