एक प्राचीन मन्दिर मऊ गांव के आगे धनरौल बांध से करीब 4 कि0 मी0 पर स्थित है । इसका शिवलिंग करीब 15 से 2 फिट व्यास का 3 फिट ऊंचा है । इसी मन्दिर के साथ खुले में दो ओर शिवलिंग है जो एक ही मोटाई तथा ऊंचाई के हैं परन्तु एक पर सहस्त्रनाग प्रतिमायें बनी हैं । सहस्त्रनाग शिवलिंग का भग्नावशेष शिवद्वार में भी देखा गया है परन्तु वह करीब एक फिट का ही है । यंहा पर काले पत्थर की एक अष्टभुजी की प्रतिमा है।
बुधवार, 24 जून 2020
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कोई बुरा ना माने,
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