जब-जब भी हमारे देश का चीन के साथ तनाव बढ़ता है, तब-तब इसके सामान के बहिष्कार का जुनून भी देश में बढ़ता है, लेकिन यहां यह भी ध्यान देने योग्य है कि हमारे देश की सरकार चीन से आर्थिक लड़ाई खुलकर नहीं लड़ सकती और न ही चीनी सामान पर पूर्ण प्रतिबंध आसानी से लगा सकती। ऐसा इसलिए, क्योंकि विदेशी व्यापार, आयात-निर्यात के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ समझौते हुए होते हैं, जिनकी अवहेलना देश के लिए भारी पड़ सकती है। ऐसे में चीन से आर्थिक लड़ाई लड़ने में हमारे देश के नागरिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को चीनी सामान पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी। अगर हमारा देश अनावश्यक चीनी सामान का प्रयोग करना भी छोड़ दे तो भी चीन को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इनमें मुख्यत: बच्चों के खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चीनी मोबाइल एप्लीकेशन आदि तो ऐसे हैं जिन्हें आसानी से तिलांजलि दी जा सकती है। इस पर अवश्य विचार किया जाए।
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