दिल्ली में जिस तरह से कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़øती जा रही है‚ उससे तो यही निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि हालात को संभालने में केंद्र और राज्य सरकार विफल रही है। केजरीवाल सरकार ने लॉकड़ाउन खोलने में जिस हल्केपन का परिचय दिया‚ उससे हालात तो बिगड़़ने ही थे। जब हालात बेकाबू होने को है तो केंद्र सरकार अपने स्तर पर दिल्ली में नियम–कायदे लगाएगी। यह समझदारी नहीं है। पहले से इस बात का होमवर्क किया जाना जरूरी था।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई बुरा ना माने,
मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं कोई भी मंदिर अगर बनता है तो उसके इतिहास से आप उसे गलत या सही कह सकते हैं कि क्यों बन रहा है लेकिन एक चीज हम ...
-
मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं कोई भी मंदिर अगर बनता है तो उसके इतिहास से आप उसे गलत या सही कह सकते हैं कि क्यों बन रहा है लेकिन एक चीज हम ...
-
मोदी सरकार ने देश की शिक्षा नीति में लगभग ३४ वर्ष बाद जो भारी और अच्छा बदलाव किया है‚ उस पर सभी के अपने–अपने विचार हो सकते हैं। स्वामी विवेक...
-
आगामी ६ सितम्बर को हांगकांग की ७० सदस्यों वाली विधान परिषद् का चुनाव होना निश्चित है। मगर इस बार का मंजर बिल्कुल अलग होने वाला है। जैसा कि ड...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें