प्रवासी मजदूरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाया. अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ''प्रवासियों को 15 दिनों में वापस भेजा जाए. प्रवासियों को नौकरी देने के लिए एक स्कीम तैयार हो. रोजगार प्रदान करने के लिए डेटा की जांच हो. साथ ही प्रवासियों की पहचान के लिए योजना निर्धारित हो. प्रवासियों की स्किल मैपिग हो ताकि तय करना आसान हो कि उन्हें कुशल या अकुशल कौन सा कार्य सौंपा जाए. प्रवासियों के खिलाफ सभी शिकायतों व मुकदमों को को वापस लिया जाए. कोरोना वायरस के गरीबी के खिलाफ दुनिया की लड़ाई को कई बरस पीछे धकेल दिया है. वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष मुल्पास ने आशंका जताई है कि कोरोना के आसार से दुनिया में 6 करोड़ से ज्यादा लोग अत्याधिक गरीबी में धकेले जा सकते हैं.
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई बुरा ना माने,
मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं कोई भी मंदिर अगर बनता है तो उसके इतिहास से आप उसे गलत या सही कह सकते हैं कि क्यों बन रहा है लेकिन एक चीज हम ...
-
मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं कोई भी मंदिर अगर बनता है तो उसके इतिहास से आप उसे गलत या सही कह सकते हैं कि क्यों बन रहा है लेकिन एक चीज हम ...
-
कोविड-19 महामारी के कारण शिक्षा और स्वास्थ्य के बीच संघर्ष जारी है। असल में, अगले महीने सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करना चाह रहा...
-
आगामी ६ सितम्बर को हांगकांग की ७० सदस्यों वाली विधान परिषद् का चुनाव होना निश्चित है। मगर इस बार का मंजर बिल्कुल अलग होने वाला है। जैसा कि ड...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें